सच मीठी वाणी का कोई मोल नहीं।सुंदर अभिव्यक्ति
उनके वो आंसु पोंछ रहा जिनकी पीडा मे पानी था जो दर्द बसा था सीने वो दुख की ही राजधानी था खाली खाली सा लगता था वो हरियाली सा दिखता था सौं...
सच मीठी वाणी का कोई मोल नहीं।
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