सुन्दर
धन्यवाद महोदय
बहुत सुन्दर
वे कभी अमृत रहे हैं तो कभी वह घी रहे हैं जब कथायें न सुहाती तो व्यथा को जी रहे है है. जहां से सूर आया गीत और संगीत पाया गीत और संगीत स...
सुन्दर
जवाब देंहटाएंधन्यवाद महोदय
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर
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