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निद्रा

निद्रा क्या है निद्रा एक स्वप्न है  स्वप्न जो नेत्र खुलते ही  ध्वस्त हो जाता है  निद्रा जब तक रहती है  स्वप्न हँसाता है रुलाता है  अप्राप्त वस्तुओ की प्राप्ति का अनुभव कराता है  निद्रा दीर्घ कालीन नहीं  अल्पकालीन होती है  अनुभूतियों खट्टी मीठी अत्यंत शालींन होती है  निद्रा में आलस्य है प्रमाद है थकान है गहराई हुई रातो में यह मन लेता  सपनो में ऊँची उड़ान है स्वप्न अर्ध चेतना का प्रतिरूप है  कल्पना चेतना सृजनशीलता है  कर्म का होता स्वरूप है  विशुध्द और निर्विकार मन  निद्रा नहीं योग निद्रा ध्यान करता है  नित्य नयी ऊर्जा पाकर  आनंद का अनुभव  रसपान करता है  इसलिए हे मन निद्रा नहीं  योग निद्रा और ध्यान करो  परम चैतन्य परमात्मा की स्तुति    उसका ही गुणगान करो