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जनवरी, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

शान्ति और अशान्ति

--> शान्ति आत्मा का स्वभाव है अशान्ति मे घ्रणा है अभाव है शान्ति मे ऊर्जा है जोश है अशान्ति मे आक्रोश है असन्तोष है विश्व की महाशक्तिया पूर्णत शान्त है दुर्बलताये होती अशान्त और आक्रांत है शान्ति और मौन से शमन होते विकार है शान्ति व्यक्ति पूर्ण रुपेण होता निर्विकार है शान्ति मे अलौकिक परम सत्ता का वास है अशान्ति मे है व्याकुलता का आभास है सत्य और अहिंसा मे रही शान्ति है झूठ और पाखंड मे समाहित भ्रान्ति है चहु और छाया अशान्ति का साम्राज्य है शान्ति मे सुशासन है रामराज्य है शान्त व्यक्तित्व मे समाहित क्रष्ण बुद्ध और शिव है शान्ति मे होता विकास शान्ति ही शक्ति की नींव है इसलिये परिस्थितिया कितनी भी हो प्रतिकूल शांत रहो अशांति के आक्रमण से विचलित न रहो क्योकि शान्ति से निकल पाये सभी समाधान है अशान्ति मे है मानसिक विचलन अस्थिरता व्यवधान है शांत रह कर विकट स्थितियो को सम्हालो मन से अशांति आशंकाए हो तो मन से निकालो शांत रह कर सहज ही परमात्मा परम शक्ति को पा लो

याद मे देखू छवि

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--> सोंचता हूँ प्यार का इजहार कैसे मै करु                    दर्द से चींखू यहा पर या फिर जमाने से डरु                    दर्द मे लिपटी हुई , दिलवर तुम्हारी याद है                      रूप की हल्की झलक है थोड़ा सा संवाद है                        याद मे देखू छवि और दैख कर आहे भरु                       दूरिया मजबूरिया है   राह पे न फूल है                        चाहते रहती अधूरी बिखरी हुई चहु धूल है                        पंथ पर मै पग धरु और चाह पर मिट कर मरू

सबक दिल का तू सीखेगा

तू अपनी बन्द कर आँखे तेरा दिलदार दिखेगा तेरी गुमनाम हस्ति है , हीरा के मोल बिकेगा चला - चल नेक राहो पर तुझे मन्जिल बुलाती है तेरे सोये मुकद्दर मे वो बिजली जग - मगाती है तेरे सपने तेरी दुनिया , नया इतिहास लिखेगा हुआ है सर्द जब मौसम , उठा है दर्द , आँखे नम समुन्दर सा भरा है गम , बसी है गीत मे सरगम तमन्ना है मिले दिलवर , सबक दिल का तू सीखेगा

संतो का मैला है

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विश्वास और आस्था का होता दर्पण है आस्था के मन्दिर है आस्था के तर्पण है त्रिवेणी तट पर कुम्भ पर्व मैला है मैले मे हल चल है भक्ति समर्पण है गंगा के तट पर संतो का मैला है त्रिवेणी संगम है गुरुवर है चैला है भक्ति मे शक्ति है भक्तो का रैला है कुदरत ने सर्दी क्या खेल खैला है

प्यार सच्चाई है

प्यार पागलपन , है प्यार मे गहराई है बजती रही दिल मे प्यार की शहनाई है अदाये तेरे प्यार की इस दिल मे समाई है प्यार भोलापन विश्वास है प्यार सच्चाई है प्यार दिलो मे पलता है दिलो को छलता है ख्वाब अरमानो मे पलता है सपनो मे मचलता है दर्द की कीमत पर निकलते है आंसू दर्द आंसुओ के रुप मे आँखों से निकलता है