विश्व कोरोना वायरस के कारण
शाकाहार की और बढ़ रहा है
नमस्कार और नमस्ते के माध्यम से
योगासन कर रहा है
विश्व कोरोना से लड़ाई लड़ने का
दम्भ भर रहा है
दवाई की कंपनियों के अलावा
सभी का शेयर सूचकांक थम रहा है
दुरभि रही संधिया
और पैतरे कई लाये है
क्योकि
नैतिकता के मायने
नेता जी ने पाये है
झूठी रही दोस्ती
रचते रहे प्रपंच
नेता जी ने साध लिया
लूट लिया है मंच
(1)
वे भ्रष्टाचार उन्मूलन प्रकोष्ठ के है पदाधिकारी
मिल जायेगी उनके पास
सभी भ्रष्ट अधिकारियो की जानकारी
जिसे दबाने के लिए लेते है वे रिश्वत भारी
(2)
उन्होंने बनाया युवा विचार मंच
युवा और विचारो के सिवाय
मिल जायेगे सब प्रपंच
(3)
हाथ से निकले हुए
धन के सूत्र है
इसलिए वे माता
सरस्वती के पुत्र है
नापती खुद को नदी हैं सौपती खुद को सदी है टिमटिमाती रोशनी सी झोंपड़ी से वो बँधी हैं मन को भायी वो सुहाई वो है नेकी न बदी है दिन होती रात ह...