शुक्रवार, 17 अगस्त 2018
रविवार, 5 अगस्त 2018
पथिक रहा अजेय है
लहर लहर संवारता हिलोर पे है वारता
चैतन्यता सदैव है चैतन्यता सदैव है
दया निधि पयोनिधि रत्नभरा अतुल निधि
दिखा समुद्र देव है दिखा समुद्र देव है
रहा समुद्र देवता वारि बादल से भेजता
नैया को माँझी खेवता पथिक रहा अजेय है
बने नवीन द्वीप है मोती बने है सीप है
अमरता का संचरण विविध बनाता जैव है
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
ठहरी हुई टहनी है
व्यथा की कथायें बहुत कुछ कहनी है ठहरे हुये पल ठहरी हुई टहनी है क्रीड़ा में पीड़ा है पीड़ा में क्रीड़ा है मौसम की ग...