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प्यार

प्यार पूजा है आस्था है अगरबत्ती है प्यार की अनुभूति रूह तक उतरती है प्यार उन्माद नही है यौवन का प्रीति एक प्रतीति है जो टूट नही सकती है बिखरे हुए राहो पे कांटे उड़ती रही यह धूल है टूटती रही  आशाये है उगते रहे बबूल है जिंदगी रोने लगी है जब  नही हो तुम अब नही शायद रही है किस्मत में बुलबुल है

खुशियो की खान

सपने है आंखों में दिल मे अरमान है अपनो का आँगन है रहती मुस्कान है तेरा भी मेरा है मेरा भी तेरा है मिल जुल के रहना ही खुशियो की खान है मौसम है सर्दी का सूरज की धूप महका है यौवन धन निखरा है रूप दस्तक है ठंडक की मिलता न चैन मुन्ना और मुन्नी अब सो जाते गुप् चुप