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उम्मीदे कुछ और है

मार्ग में संघर्ष है  संघर्ष के कई दौर है  संघर्ष में उत्कर्ष है  उत्कर्ष का नहीं छोर है  राह में कांटे बिछाये  मुश्किलें कितनी भी आये  मौत भी न जीत पाये  उम्मीदे कुछ और है  हर खुशी दुःख से बड़ी है मुश्किलो से वह लड़ी है  लौट आओ उम्मीदे तुम  मंजिले चौखट खड़ी  है  आज के भीतर रहा कल  अंकुरित बीज फिर बना फल  हर प्रतीक्षा है परीक्षा  यहाँ परीक्षा की झड़ी  है

जन जन में खुशिया छाई है

लोक अदालत आई है ,जन जन में खुशिया छाई है  कर लो बहना राजीनामा ,प्रेम सुधा सुख दाई है सेवा ही संकल्प हमारा ,सेवा ही अभियान है  न्याय दान ही महादान है निर्धन का सम्मान है  न्याय शुल्क से पा लो मुक्ति, न्याय भागीरथी आई है  मत भेदो  को दूर कर प्यारे ,नवयुग का आव्हान है  प्री लिटिगेशन प्री बार्गेनिंग ,यह विधि का वरदान है  विधि है मूर्ति विधि से पूर्ति ,हर मुश्किल हट पाई है