लहर लहर संवारता हिलोर पे है वारता
चैतन्यता सदैव है चैतन्यता सदैव है
दया निधि पयोनिधि रत्नभरा अतुल निधि
दिखा समुद्र देव है दिखा समुद्र देव है
रहा समुद्र देवता वारि बादल से भेजता
नैया को माँझी खेवता पथिक रहा अजेय है
बने नवीन द्वीप है मोती बने है सीप है
अमरता का संचरण विविध बनाता जैव है
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