गुरुवार, 2 अगस्त 2012

रक्षा बंधन

जीवन में अनगिन है बंधन ,बंधन में भावो का चन्दन  ,
बहनों का भावुक अभिनन्दन ,रक्षा बंधन रक्षा बंधन

देवो को हम ह्रदय बसाए ,रक्षित कर लो दसो दिशाए
भाई चारा का जयकारा भाई चारा हम ले आये
माथे पर कंकुम है चन्दन ,बहनों का रोके हम क्रंदन
रक्षा बंधन रक्षा बंधन.......
बिन बंधन के मन नहीं जुड़ते,बंधमुक्त हो खग नभ उड़ते
ईश्वर का आस्था से वंदन ,बिन वंदन मन ही मन कुड़ते
भावो का भावो से बंधन ,सांसो से सांसो का बंधन 
रक्षा बंधन रक्षा बंधन.......


कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें