यहां पर आयेगा
यह मयूरा वन के भीतर
इस तरह हर्षायेगा
जिंदगानी लेगी करवट
लौट जायेगी जवानी
पानी पानी हर समस्या
याद न आएगी नानी
झूम कर आयेगा सावन
और पपीहा गाएगा
अब यहां उत्तर भटकते और खटकती सोच है पंख फैले पंछीयो के दिख रही यहां चोंच है अब हमें परछाईयों गहराइयों को जानना है ...