शुक्रवार, 16 अगस्त 2013

विमल मति

ज्योति रूप परमात्मा, द्वादश ज्योतिर्लिंग
आलोकित अंतर करे ,शिव मंदिर शिव लिंग

परम पिता परमात्मा ,माता पार्वती
महादेव दो वर हमें ,हो निर्मल मन विमल मति

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दिख रही कहीं आत्मा

खो  गए  तारे  वो  सारे  खो  गया  कहीं  चंद्रमा  दिख  रहे  सुन्दर  नज़ारे  चोटियों  पर  हिम जमा है प्रभा की रश्मियां  ये  प्राची  से  है  झाँ...