Srijan
मंगलवार, 13 जनवरी 2026
पर कभी चीखता नहीं है
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पर कभी चीखता नहीं है
आई याद मां की
अपनो को पाए है
करुणा और क्रंदन के गीत यहां आए है सिसकती हुई सांसे है रुदन करती मांए है दुल्हन की मेहंदी तक अभी तक सूख न पाई क्षत विक्षत लाशों में अपन...
वेदना ने कुछ कहा है
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