शुक्रवार, 11 जुलाई 2025

अब न सभागृह भरे है


 

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भाव है संवेदना है

मूर्तियां  पत्थर  नहीं  है   मूर्तियों  में  चेतना  है  मूर्तियां  हैं  प्राण  वाहक  सन्देश  ईश को  भेजना  है शिल्पियों  की  ये  कहानी  मूर्...