लज्जा का आभूषण
करुणा के बीज
कौशल्या सी नारी
तिथियों मे तीज
ह्रदय मे वत्सलता
गुणीयों का रत्न
नियति भी लिखती है
न बिकती हर चीज
है अंधेरा तो उजाला भी यहां पर आयेगा यह मयूरा वन के भीतर इस तरह हर्षायेगा जिंदगानी लेगी करवट लौट जायेगी जवानी पानी पानी हर समस्या याद न...