शुक्रवार, 17 मार्च 2017

क्षणिकाएं


(1)
वे भ्रष्टाचार उन्मूलन प्रकोष्ठ के है पदाधिकारी
मिल जायेगी उनके पास
सभी भ्रष्ट अधिकारियो की जानकारी
जिसे दबाने के लिए लेते है वे रिश्वत भारी
(2)
उन्होंने बनाया युवा विचार मंच
युवा और विचारो के सिवाय
मिल जायेगे सब प्रपंच
(3)
हाथ से निकले हुए
धन के सूत्र है
इसलिए वे माता
सरस्वती के पुत्र है

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हँसते हँसते मिट जाते हैं

अब भाव नही होते दर्पण  जो आँखो से दिख जाते है  न रही  चेतना चिन्गारी  अब कलमकार बिक जाते है  कोई स्वार्थ साथ आबाद रहा  तलवे सत्ता के चाट रहा...