मंगलवार, 7 जुलाई 2026

बुजुर्ग की व्यथा

उसके जो भी थे इरादे 
वो अभी तक सींच लिए हैं 
साथ में रहता न कोई 
हाथ भी तो खींच लिए है 
जब खुशी होठों न आयें  
नही आंखे मुस्कुराए 
हम  रहेगे  किसलिए  है 
 हम जिएंगे किसलिए  है 


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