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अर्चना संगीत लय में
वो नही संशय मे भय में रहता वो तो हृदय में वो तिमिर को दीप देता है समीर का वो प्रणेता प्राची मे उषा रहा है वो रहा सृजन प्रलय में धै...
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जिव्हा खोली कविता बोली कानो में मिश्री है घोली जीवन का सूनापन हरती भाव भरी शब्दो की टोली प्यार भरी भाषाए बोले जो भी मन...

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