Srijan
रविवार, 3 जुलाई 2011
हरी मिर्च: संगत राशि
हरी मिर्च: संगत राशि
: "पक्का नहीं कहता कि सब, सांसत से लड़ लड़ता हूँ मैं हम कदम इक दम मिला, दुइ पाँव चल चलता हूँ मैं उजड़ें दीवारें खँडहर, छातें हों ..."
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पर कभी चीखता नहीं है
आई याद मां की
अपनो को पाए है
करुणा और क्रंदन के गीत यहां आए है सिसकती हुई सांसे है रुदन करती मांए है दुल्हन की मेहंदी तक अभी तक सूख न पाई क्षत विक्षत लाशों में अपन...
वेदना ने कुछ कहा है
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