दश दुर्गुण का दहन करो तो ,दशहरा त्यौहार
दशो दिशाओ में बिखराओ, सुन्दर और सच्चा व्यवहार
दश विद्या की करो साधना ,कष्टों का होगा उपचार
दश मस्तक सी जगे चेतना ,उन्नत पथ का यह आधार
दश इन्द्री पर हो अनुशासन, तो सपने होगे साकार
दश पर टिकता अंक गणित है, दर्शन का है मूल आधार
मानव मन की अहम् भावना ,कलयुग में रावण अवतार
दशानन सा जगा लो पौरुष ,फिर करना उसका संस्कार
बुधवार, 5 अक्टूबर 2011
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वो नदी है
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