राह में सुन्दर नजारे
राह में मुश्किल रही है
राह में झिलमिल सितारे
राह में कंकड है पत्थर
राह में सोये न थककर
राह से होकर मिले हैं
चोटियां उत्कर्ष प्यारे
राह कुछ गाती रही है
राह तो साथी रही है
राह में अनुभूतियां है
राह से जीवन बना रे

आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में मंगलवार 21 एप्रिल, 2026 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!
जवाब देंहटाएंसुंदर रचना
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर रचना
जवाब देंहटाएंराह कितनी भी हो लंबी, रही तुझे चलना होगा । सरल सहज पंक्तियाँ।
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