सोमवार, 6 अप्रैल 2026

कितना भी आगे

बताओ  यहां  वन कितना  घना  है 
चलो  तुम  आगे यहां डरना  मना  है 
लगे  फूल  प्यारे और  पत्ते  जो  सारे 
हरा  है अभी  तक  ये  मोटा  तना है

यहां  से  हम जायेगे कितना भी आगे 
पीछे  पीछे  हम  थे चला  लक्ष्य आगे 
पसीना  ये  चाहे  कितना  बहा  है 
जटिलता  रही  है  उलझे  और धागे 


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