विश्व कोरोना वायरस के कारण
शाकाहार की और बढ़ रहा है
नमस्कार और नमस्ते के माध्यम से
योगासन कर रहा है
विश्व कोरोना से लड़ाई लड़ने का
दम्भ भर रहा है
दवाई की कंपनियों के अलावा
सभी का शेयर सूचकांक थम रहा है
नापती खुद को नदी हैं सौपती खुद को सदी है टिमटिमाती रोशनी सी झोंपड़ी से वो बँधी हैं मन को भायी वो सुहाई वो है नेकी न बदी है दिन होती रात ह...
सही है
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