सुन्दर
सुंदर रचना।
बहुत सुंदर रचना
वो नही संशय मे भय में रहता वो तो हृदय में वो तिमिर को दीप देता है समीर का वो प्रणेता प्राची मे उषा रहा है वो रहा सृजन प्रलय में धै...
सुन्दर
जवाब देंहटाएंसुंदर रचना।
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर रचना
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