जीवन मे जब हार मिली
कही मिली है जीत
कोने मे कहीं मौन सज़ा
कहीं बजा संगीत
मधु के भीतर स्नेह बसा है
मधुमय हैं मनमीत
सच्चा प्यारा राज दुलारा
बेटा सा संगीत
नापती खुद को नदी हैं सौपती खुद को सदी है टिमटिमाती रोशनी सी झोंपड़ी से वो बँधी हैं मन को भायी वो सुहाई वो है नेकी न बदी है दिन होती रात ह...
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