खुद ही से है हारा
खुद ही से जीता है
लड़ा युध्द जिसने
बना विजेता है।
मरा है जिया है
सभी कुछ किया है
शिकायत न करता
वह होता पिता है
नापती खुद को नदी हैं सौपती खुद को सदी है टिमटिमाती रोशनी सी झोंपड़ी से वो बँधी हैं मन को भायी वो सुहाई वो है नेकी न बदी है दिन होती रात ह...
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