तुझसे तेरा छीन गया उसका क्या ?अफसोस
भोला सा इंसान रहा इक भोली सी बात
जिसके कोई साथ नही उसके भोलेनाथ
किस्मत से न लक्ष्य मिले बन तू क्षमतावान
अक्षम करता है सिकवा सक्षम का भगवान
सज्जन के साथ रहा ईश्वर का वरदान
तेरा कोई दोष नही साथी है बेईमान
जिसने तिरस्कार सहा किया है विष का पान जीवन के कई अर्थ बुने उसका हो सम्मान कुदरत में है भेद नहीं कुदरत में न छेद कुदरत देती रोज दया कुदर...
वाह
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