मंगलवार, 8 दिसंबर 2020

स्वर्ग की राह निकाल

नयनो में अरविन्द रहे, हृदय में गोविन्द
जीवन मे न क्लेश रहे,शेष रहे जयहिन्द

जितने चंचल कृष्ण रहे, जितने सीधे राम
युक्ति देते कृष्ण रहे, मुक्ति दे श्रीराम

कर्मो का फल यही मिला, जीवन मे तत्काल
होता ऊपर स्वर्ग नही ,स्वर्ग की राह निकाल

सुख दुख दोनों साथ रहे,सुख दुख का संसार
दुख से अनुभव ज्ञान मिला,सुख जीवन श्रृंगार


2 टिप्‍पणियां:

हँसते हँसते मिट जाते हैं

अब भाव नही होते दर्पण  जो आँखो से दिख जाते है  न रही  चेतना चिन्गारी  अब कलमकार बिक जाते है  कोई स्वार्थ साथ आबाद रहा  तलवे सत्ता के चाट रहा...