सुंदर भावार्थ !
Dhanyawad
बहुत सुंदर
व्यथा की कथायें बहुत कुछ कहनी है ठहरे हुये पल ठहरी हुई टहनी है क्रीड़ा में पीड़ा है पीड़ा में क्रीड़ा है मौसम की ग...
सुंदर भावार्थ !
जवाब देंहटाएंDhanyawad
हटाएंबहुत सुंदर
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