सुंदर भावार्थ !
Dhanyawad
बहुत सुंदर
झर रहा बारिश का मौसम कर रहे श्रृंगार झरने चल पड़े बादल यहा पे सिंधु से जल को है भरने न रही मासूम कलियां जब रहा संसार छलिया रह गई केवल ...
सुंदर भावार्थ !
जवाब देंहटाएंDhanyawad
हटाएंबहुत सुंदर
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