रविवार, 23 मार्च 2025

अदभुत हुए प्रबंध

मंत्रों से कब मोक्ष मिला
शब्दों से कब छंद
संवेदना जब साथ रही
अदभुत हुए प्रबंध 

सुन लो समझो जान लो
शब्दों के भावार्थ
जिसने सीखा जिया वही
जीवन का यथार्थ

3 टिप्‍पणियां:

युग युग तक जीता है

अंधियारा रह रह कर आंसू को पीता है  चलते ही रहना है कहती यह गीता है कर्मों का यह वट है निश्छल है कर्मठ है कर्मों का उजियारा युग युग तक जीता ह...