सुंदर
सुन्दर
बहुत खूब
नापती खुद को नदी हैं सौपती खुद को सदी है टिमटिमाती रोशनी सी झोंपड़ी से वो बँधी हैं मन को भायी वो सुहाई वो है नेकी न बदी है दिन होती रात ह...
सुंदर
जवाब देंहटाएंसुन्दर
जवाब देंहटाएंबहुत खूब
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